Monthly Archives: June 2018


 विलोम शब्द | विपरीतार्थक शब्द शब्दों के अपने निश्चित अर्थ होते हैं – उन अर्थों के विपरीत अर्थ देनेवाले शब्द विपरीतार्थक शब्द कहलाते हैं । विपरीतार्थक या विपरीत अर्थ देनेवाले शब्द निम्नलिखित विधियों से बनते हैं: 1. लिंग-परिवर्तन के द्वारा : जैसे-भाई-बहन, राजा-रानी, वर-वधू, लड़का-लडकी गाय-बैल, कुत्ता-कुतिया, इत्यादि । 2. […]

विलोम शब्द | विपरीतार्थक शब्द


पर्यायवाची शब्द अंग – अंश, कलेवर, भाग, देह, हिस्सा, अवयव अंक – चिह्न, छाप, अदद, पत्र, पत्रिकाओं की प्रति, लिखावट, अक्षर, नाटक का खंड अंधकार – तम, तमिस्रा, तिमिर, स्याही , अँधेरा, अंधतमस अटूट – मजबूत, अखंडित, अपार, पक्का, अजेय, पुष्ट अग्नि – आग, अनल, वह्नि, पावक, वायुसखा, दहन, तपन, […]

पर्यायवाची शब्द


शब्द विचार हिंदी
शब्द विचार हिंदी शब्द– वर्णो के मेल से बने हुए स्वतंत्र एवं सार्थक ध्वनि-समूह को शब्द कहते हैं । जैसे- हम, गाड़ी, मकान, इत्यादि । शब्दों का वर्गीकरण– शब्दों का वर्गीकरण मुख्यत: चार आधारों पर किया जाता है अर्थ, रचना, उत्पत्ति तथा रूपांतर। अर्थ के अनुसार शब्द के दो भेद […]

शब्द विचार हिंदी



पुनरुक्ति अलंकार हिंदी Punrukti (‘पुनरुक्ति’), का अर्थ – पुन: दुहराना है। वाक्यों में इनका प्रयोग अलंकार के रूप के कई प्रकार से किया जाता है । पुनरुक्ति या पुनरुक्त शब्द के भेद – (1) पूर्ण पुनरुक्त (Purn Punrukt) (2) अपूर्ण पुनरुक्त तथा (Apurn Punrukt) (3) अनुकरणवाचक पुनरुक्त । (Anukaran vachak […]

पुनरुक्ति अलंकार हिंदी


संधि
संधि  दो अक्षरों के आपस में मिलने से उनमें जो विकार पैदा होता है, उसे संधि कहते हैं । संधि और संयोग में बड़ा अंतर है । संयोग में अक्षर अपने मूल रूप में बने रहते हैं । जैसे-क् + अ – म् – अ + ल् + अ । […]

संधि | संधि के भेद


महाराणा प्रताप के बारे में कुछ रोचक जानकारी:- 1… महाराणा प्रताप एक ही झटके में घोड़े समेत दुश्मन सैनिक को काट डालते थे। 2…. जब इब्राहिम लिंकन भारत दौरे पर आ रहे थे । तब उन्होने अपनी माँ से पूछा कि- हिंदुस्तान से आपके लिए क्या लेकर आए ? तब […]

महाराणा प्रताप के बारे में कुछ रोचक जानकारी



समास
समास परिभाषा- समास का शाब्दिक अर्थ होता है ‘छोटा रूप’ | अत: जब दो या दो से अधिक शब्द (पद) अपने बीच की विभक्तियों का लोप कर जो छोटा रूप बनाते है उसे समास, सामरिकपद या समस्त पद कहते है | जैसे ‘रसोई के लिए घर’ में रो के लिए […]

समास


संज्ञा
                     संज्ञा (Noun)   संज्ञा नाम का पर्याय है | विश्व की मूर्त एवं अमूर्त सभी वस्तुओं का कोई न कोई नाम अवश्य होता है | यह नाम ही संज्ञा है | जैसे – मोहन ने दिल्ली में सुन्दर बिरला मंदिर देखा | यह वाक्य में दिल्ली स्थान का नाम है; […]

संज्ञा (Noun)  


प्रत्यय परिभाषा – वे शब्दांश जो किसी शब्द के अंत में लगकर उस शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते है अर्थात नये अर्थ का बोध कराते है उन्हें प्रत्यय कहते है |जैसे- समाज+इक = सामाजिक सुगंध+इत = सुगन्धित भूलना+ अक्कड = भुलक्कड मीठा+आस= मिठास अत: प्रत्यय लगाने पर शब्द […]

प्रत्यय



HINDI SPECIAL प्रश्‍न 1- किस युग को आधुनिक हिन्दी कविता का सिंहद्वार कहा जाता है। उत्‍तर – भारतेन्दु युग को । प्रश्‍न 2- द्विवेदी युग के प्रवर्तक कौन थे। उत्‍तर – महावीर प्रसाद द्विवेदी । प्रश्‍न 3- हिन्दी का पहला सामाजिक उपन्यास कौन सा माना जाता है। उत्‍तर – भाग्यवती […]

HINDI SPECIAL


1✔विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप – एशिया ( विश्व के क्षेत्रफल का 30%) 2✔विश्व का सबसे छोटा महाद्वीप – आस्ट्रेलिया 3✔विश्व का सबसे बड़ा महासागर – प्रशांत महासागर 4✔विश्व का सबसे छोटा महासागर – आर्कटिक महासागर 5✔विश्व का सबसे गहरा महासागर – प्रशांत महासागर 6✔विश्व का सबसे बड़ा सागर – […]

General Knowledge Notes


कारक की परिभाषा
कारक की परिभाषा परिभाषा- संज्ञा ( या सर्वनाम ) के जिस रूप से उसका संबंध वाक्य के किसी दूसरे शब्द के साथ अभिव्यक्त होता है, उस रूप को कारक कहते हैं। जैसे-भगवान राम ने खारे जल के समुद्र पर बंदरों से पुल बँधवा दिया है । इस वाक्य में ‘भगवान […]

कारक की परिभाषा



वचन की परिभाषा
वचन की परिभाषा परिभाषा – संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण तथा क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध होता है, उसे वचन कहते हैं। व्याकरण में “वचन’ संख्या का बोध कराता है। लडकी गाती है । लड़कियाँ गाती हैं । पहले वाक्य से यह स्पष्ट होता है कि कोई एक लडकी […]

वचन की परिभाषा


लिंग की परिभाषा शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति अथवा स्त्री जाति का बोध हो, उसे ‘लिंग’ कहते हैं। लिंग का अर्थ है-‘चिह्न’। अतः जिस चिह्न के द्वारा शब्द के स्त्री जाति या पुरुष जाति के होने का बोध हो, उसे ही लिंग कहते हैं। लड़का पढ़ रहा है। […]

लिंग की परिभाषा


अव्यय (अविकारी शब्द)
अविकारी शब्द ऐसे शब्द जिन पर लिंग, वचन एवं कारक का कोई प्रभाव नहीं पड़ता तथा लिंग, वचन एवं कारक बदलने पर भी ये ज्यों-के-त्यों बने रहते हैं, ऐसे शब्दों को अव्यय या अविकारी शब्द कहते हैं। अव्यय शब्दों उदाहरण -जब, तब, अभी, वहाँ, उधर, यहाँ, इधर, कब, क्यों, आह, […]

अव्यय (अविकारी शब्द)



वाच्य
वाच्य  वाच्य क्रिया का वह रूप है, जिससे यह ज्ञात होता है कि वाक्य में कर्ता प्रधान है या कर्म अथवा भाव। क्रिया के लिंग एवं वचन उसी के अनुरूप होते हैं। खंड (अ) खंड (ब) (क) राम विद्यालय जाता है। (क) राम द्वारा विद्यालय जाया जाता है। (ख) गरिमा […]

वाच्य 


क्रिया विशेषण जिस शब्द से क्रिया की विशेषता का ज्ञान होता है, उसे क्रियाविशेषण कहते हैं। जैसे-यहाँ, वहाँ, अब, तक, जल्दी, अभी, धीरे, बहुत, इत्यादि । क्रियाविशेषणों का वर्गीकरण तीन आधारों पर किया जाता है- (1) प्रयोग (2) रूप (3) अर्थ क्रियाविशेषण (1) प्रयोग (2) रूप (3) अर्थ (क) साधारण […]

क्रिया विशेषण


क्रिया परिभाषा (Kriya Definition in Hindi Grammar) जिस शब्द से किसी काम का करना या होना प्रकट हो, उसे क्रिया कहते हैं। जैसे-खाना, पीना, सोना, जागना, पढ़ना, लिखना, इत्यादि । संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण की तरह ही क्रिया भी विकारी शब्द है । इसके रूप लिंग, वचन और पुरुष के […]

क्रिया परिभाषा



Visheshan Definition in Hindi हिंदी में विशेषण परिभाषा संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता बतानेवाले शब्द को (विशेषण Visheshan) कहते हैं। जैसे- ‘काली’ गाय, ‘अच्छा’ लड़का। विशेषण जिस शब्द की विशेषता बतलाता है, उसे विशेष्य कहते हैं। जैसे-उजली गाय मैदान में खड़ी है। यहाँ ‘उजली’ विशेषण और ‘गाय’ विशेष्य है । […]

हिंदी में विशेषण परिभाषा


Sarvanam in Hindi (सर्वनाम): जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किए जाते हैं, वे सर्वनाम (Sarvnam) कहलाते हैं। सर्वनाम सभी संज्ञा शब्दों के स्थान पर प्रयोग होने वाले वे शब्द हैं, जो भाषा को संक्षिप्त एवं रचना की दृष्टि से सुंदर बनाने में सहायक होते हैं। “पूजा ने कहा […]

Sarvanam in Hindi (सर्वनाम)


Sangya Definition (संज्ञा की परिभाषा) संसार के किसी भी प्राणी, वस्तु, स्थान, जाति या भाव, दशा आदि के नाम को संज्ञा (Sangya) कहते हैं| निम्नलिखित उदाहरण से हम संज्ञा तथा उनके प्रकार आसानी से समझ सकते हैं- भारत एक विकासशील देश है नरेन्द्र मोदी भारत के सजग नेता हैं गंगा […]

Sangya Definition (संज्ञा की परिभाषा)



UGC NET के हिंदी विषय हेतु उपयोगी पुस्तकें आइये अब हम UGC NET के लिए हिंदी विषय के पेपर-II और पेपर-III से संबंधित महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री पर एक नज़र डालते हैं। इग्नु नोट्स – हिंदी भाषा एवं साहित्य हिंदी साहित्य का इतिहास – कुमार सर्वेश हिंदी कविता (कल से आज […]

UGC NET के हिंदी विषय हेतु उपयोगी पुस्तकें


द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा स्पेशल *प्रश्न-01 पक्षीयो के अध्ययन के लिए उपयुक्त स्थल “वन विहार अभयारण्य” किस जिले में स्थित है..?* (अ) उदयपुर (ब) बूंदी (स) धौलपुर (द) बारां *उत्तर- (स) धौलपुर✅* *प्रश्न-02 ‘वानिकी प्रशिक्षण संस्थान’ स्थित है..?* (अ) डूंगरपुर (ब) चुरू (स) जयपुर (द) कोटा *उत्तर- (स) जयपुर✅* […]

द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा स्पेशल


1. किसको ‘ह्नाइट ऑफ द अर्थ’ कहा जाता है? – मेंटल 2. भारत का सर्वाधिक गर्म स्थल कौन–सा है? – जैसलमेर 3. कौन-सा महासागर हेरिंग पॉण्ड के नाम से जाना जाता है? – अटलांटिक महासागर 4. ‘सरदार सरोवर परियोजना’ किस नदी पर बनायी गयी है? – नर्मदा 5. विश्व में […]

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