पोषण (Nutrition) पादप अपने कार्बनिक खाद्यों के लिए (कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन और विटामिन) केवल वायुमंडल पर ही निर्भर नहीं रहते हैं, इसलिए इन्हें स्वपोषी (Autotrophs) कहते हैं। कुछ जीवाणु भी सौर ऊर्जा या रासायनिक ऊर्जा का इस्तेमाल कर अपना भोजन स्वयं बना लेते हैं। उन्हें क्रमश: फोटोऑटोट्रॉफ या कीमोऑटोट्रॉफ कहते […]
Science
शरीर के तंत्र | Body System अंग तंत्र अंगों का एक समूह है जो एक कार्य विशेष को अकेले या समूहिक रूप से मिल कर करते हैं। मानव शरीर के विभिन्न अंग तंत्र हैं– पाचन तंत्र, परिसंचरण तंत्र, अंतःस्रावी तंत्र, उत्सर्जन तंत्र, प्रजनन तंत्र, तंत्रिका तंत्र, श्वसन तंत्र, कंकाल तंत्र […]
औषधियाँ औषधियाँ रोगों के इलाज में काम आती हैं। प्रारंभ में औषधियाँ पेड़-पौधों, जीव जंतुओं से प्राप्त की जाती थीं, लेकिन जैसे-जैसे रसायन विज्ञान का विस्तार होता गया, नए-नए तत्वों की खोज हुई तथा उनसे नई-नई औषधियाँ कृत्रिम विधि से तैयार की गईं। औषधियों के प्रकार (Kinds of drugs) अंत:स्रावी […]
बायोतकनीक व बायोइन्फोर्मेटिक के क्षेत्र में भविष्य की तकनीक जेनेटिक इंजीनियरिंग (Genetic Engineering): जेनेटिक इंजीनियरिंग का अनुप्रयोग कई क्षेत्रों में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। जेनेटिक इंजीनियरिंग से आने वाले वक्त में मवेशी पालन व पौध उत्पादन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होंगे। जेनेटिक इंजीनियरिंग के अनुप्रयोग से जानवरों व पौधों की नई […]
पादप जगत का वर्गीकरण किस तरह से किया जाता है वर्गिकी (Taxonomy) वर्गीकरण का विज्ञान है, जो जीवों की व्यापक विविधता के अध्ययन को आसान बनाता है और जीवों के विभिन्न समूहों के बीच अंतर्संबंधों को समझने में हमारी मदद करता है। पादप जगत में प्रथम स्तर का वर्गीकरण पादप […]
आनुवांशिकी मानव के वंशानुगत गुणों को कैसे परिभाषित करती है माता–पिता से पीढ़ी–दर–पीढ़ी आसानी से संचरित होने वाले मौलिक गुण ‘आनुवांशिक गुण’ कहलाते हैं और आनुवांशिक गुणों के संचरण की प्रक्रिया एवं उसके कारणों का अध्ययन को ‘आनुवांशिकी’ कहा जाता है। ग्रेगर जॉन मेंडल को ‘आनुवांशिकी का जनक’ कहा जाता […]