भारत के तटीय मैदान

भारत के तटीय मैदान भारत के तटीय मैदान भारत के तटीय मैदान का विस्तार पश्चिम में अरब सागर के तट (गुजरात) पर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी (पश्चिम बंगाल ) के किनारे स्थित हैं।प्रायद्वीप के पूर्व या पश्चिम में उनके स्थान के अनुसार उन्हें पूर्व तटीय मैदान और पश्चिम तटीय मैदान कहा जाता है। […]

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भारत के प्रमुख पठार

भारत के प्रमुख पठार भारत का प्रायद्वीपीय पठार एक मेज की आकृति वाला स्थल है जो पुराने क्रिस्टलीयए आग्नेय तथा रूपांतरित शैलों से बना है। यह गोंडवाना भूमि के टूटने एवं अपवाह के कारण बना था तथा यही कारण है कि यह प्राचीनतम भूभाग का एक हिस्सा है। इस पठारी भाग में चौड़ी तथा छिछली […]

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भारत का उत्तरी मैदान Northern Plains of India

भारत का उत्तरी मैदान भारत के उत्तरी मैदान का निर्माण सिंधु , गंगा एवं इनकी सहायक नदियों के द्वारा हुआ है। यह मैदान जलोढ़ मृदा से बना है। लाखों वर्षों में हिमालय के गिरिपाद में स्थित बहुत बड़े बेसिन (द्रोणी) में ( जलोढ़ों नदियों द्वारा लाई गई मृदा ) का निक्षेप हुआ, जिससे इस उपजाऊ […]

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भारत का भौतिक विभाजन Physical division of India

भारत का भौतिक विभाजन हिमालय पर्वत भौतिक विभाजन भारत की उत्तरी सीमा पर विस्तृत हिमालय भूगर्भीय रूप से युवा एवं बनावट के दृष्टिकोण से वलित पर्वत शृंखला है। ये पर्वत शृंखलाएँ पश्चिम-पूर्व दिशा में सिंधु से लेकर ब्रह्मपुत्रा तक पैफली हैं। हिमालय विश्व की सबसे ऊँची पर्वत श्रेणी है और एक अत्यधिक असम अवरोधों में […]

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ऊर्जा के परम्परागत स्त्रोत

ऊर्जा के परम्परागत स्त्रोत ऊर्जा के परम्परागत स्त्रोत (A) जीवाश्मीय ईधन :(B) तापीय विध्युत संयंत्र : (C) जल विध्युत संयंत्र : (D) जैव-मात्रा (बायो-मास) :(E) पवन ऊर्जा : ऊर्जा के परम्परागत स्त्रोत (A) जीवाश्मीय ईधन : लाखों वर्षों पूर्व वनस्पति व प्राणियों के अवशेष प्राकृतिक दबाव से पृथ्वी के नीचे दब गये । पृथ्वी के […]

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भारत की मिट्टियों के प्रकार और उनका वितरण

भारत की मिट्टियों के प्रकार और उनका वितरण भारतवर्ष जैसे विशाल देश में विभिन्न प्रकार की मिट्टियाँ पाई जाती हैं. वैसे तो भारतीय मिट्टी का सर्वेक्षण (survey of Indian soils) कई सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों ने किया है, पर आज जो मैं आपको मिट्टी के वर्गीकरण (types of soils) के विषय में बताने जा रहा […]

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मिट्टी का कटाव – Soil Erosion के कारण और उपाय

मिट्टी का कटाव – Soil Erosion के कारण और उपाय मिट्टी का कटाव (SOIL EROSION) हवा या पानी की गति से भूमि के ऊपर की सतह की उपजाऊ मिट्टी नष्ट हो जाती है तो इस क्रिया को मिट्टी का कटाव (soil erosion) कहते हैं. यह समस्या भयंकर है क्योंकि इससे लाखों एकड़ भूमि खेती की […]

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भारत में जलवायु और वर्षा – Climate and Rainfall in Hindi

भारत में जलवायु और वर्षा – Climate and Rainfall in Hindi जलवायु (Climate) के अंतर्गत हम तापक्रम, हवाओं और वर्षा (Rainfall) की विभिन्न दशाओं और अनेक कारणों को पढ़ते हैं. आर्थिक भूगोल की दृष्टि से जलवायु का विशेष महत्त्व है. दरअसल, हर देश के आर्थिक स्थिति पर उस देश की जलवायु का कई प्रकार से […]

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भारत की प्रमुख झीलें – List of Lakes in Hindi

भारत की प्रमुख झीलें – List of Lakes in Hindi आज हम भारत के प्रमुख झील (List of important Lakes in India) के विषय में चर्चा करेंगे. ऐसे सवाल प्रायः UPSC, SSC या रेलवे परीक्षा में आते रहते हैं…या तो मिलान करो के रूप में या तो ऑप्शन में राज्य के नाम दिए रहते हैं […]

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जनसंख्या का घनत्व – 2011 Census Data और Measurement की विधि

जनसंख्या का घनत्व – 2011 Census Data और Measurement की विधि आज इस पोस्ट में हम भारत की जनसंख्या के घनत्व के विषय में facts and figures according to 2011 Census को आपके सामने रखेंगे और साथ-साथ यह भी बताएँगे कि population density को नापा (measure) कैसे किया जाता है? 1901 में भारत में जनसंख्या का घनत्व (density […]

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भारत में वन के प्रकार

भारत में वन के प्रकार जलवायु की विभिन्न दशाओं और अन्य कारणों से भूमि पर अनेक प्रकार के पेड़-पौधे प्राकृतिक रूप से उग आते हैं – इन्हें वनस्पति कहते हैं. वनस्पति भूमि के ऊपर उगने वाली प्राकृतिक संपत्ति है. भारत में घास के मैदान प्रायः नहीं पाए जाते. वर्षा के दिनों में पहाड़ियों पर और […]

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भारत – भौगोलिक स्थिति और विस्तार

भारत – भौगोलिक स्थिति और विस्तार भौगोलिक दृष्टि से भारत का मुख्य भूभाग 8°4′ से लेकर 37°6′ उत्तर अक्षांश के बीच है और 68°7′ पूर्व देशांतर से 97°25′ पूर्व देशांतर के मध्य फैला है. भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किमी. है. कर्करेखा इस देश को दो सामान भागों में बाँट देती है. 2004 के पूर्व […]

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भारत में वर्षा का वितरण और दक्षिण-पश्चिमी मानसून

भारत में वर्षा का वितरण और दक्षिण-पश्चिमी मानसून मध्य जून (आषाढ़) से मौसम एकाएक बदलने लगता है. आकाश बादलों से घिरने लगता है और दक्षिण-पश्चिमी पवन चलने लगते हैं. ये पवन “दक्षिण-पश्चिमी मानसून” के नाम से प्रसिद्ध हैं क्योंकि मूलतः ये दक्षिण-पश्चिम से शुरू होते हैं. इस मानसून के आते ही तापक्रम में काफी गिरावट […]

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भारत की प्रमुख नदियाँ और उनके उद्गम स्थल

भारत की प्रमुख नदियाँ और उनके उद्गम स्थल भारत की नदियों (Rivers of India) को चार समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है – 1) हिमालय की नदियाँ 2) प्रायद्वीपीय नदियाँ 3) तटीय नदियाँ 4) अन्तःस्थलीय प्रवाह क्षेत्र की नदियाँ. आज हम भारत की प्रमुख नदियों के विषय में बात करेंगे और वे कहाँ से […]

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माल्थस का जनसंख्या सिद्धांत

माल्थस का जनसंख्या सिद्धांत जनसंख्या का अध्ययन कुछ निश्चित सिद्धांतों पर आधारित है. जनसंख्या तथा संसाधन के बीच सम्बन्ध स्थापित करने के लिए सिद्धांत प्लेटो के समय से प्रतिपादित होते आये हैं. परन्तु 18वीं शताब्दी के समय तथा 19वीं शताब्दी में कई सिद्धांत प्रतिपादित किये गए. इन सभी सिद्धांतों को प्राकृतिक तथा सामजिक सिद्धांतों के वर्गों […]

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वायुमंडल का संगठन और उसकी संरचना

वायुमंडल का संगठन और उसकी संरचना से तो हमने स्कूल की किताबों (NCERT, NIOS, other board textbooks) में वायुमंडल (atmosphere) के बारे में कई बार पढ़ा है मगर आज भी competitive exams में वायुमंडल से सम्बंधित ऐसे टेढ़े-टेढ़े सवाल पूछे जाते हैं जिन्हें हल करने में हमारे पसीने छूट जाते हैं. आज मैं वायुमंडल क्या है, […]

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मानव विकास सूचकांक क्या होता है

मानव विकास सूचकांक क्या होता है मानव विकास को मानव विकास सूचकांक (Human Development Index, HDI) के रूप में मापा जाता है. इसे मानव विकास की आधारभूत उपलब्धियों पर निर्धारित एक साधारण समिश्र सूचक (composite indicator) के रूप में मापा जाता है और विभिन्न देशों द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा तथा संसाधनों तक पहुँच  के क्षेत्र में की […]

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चन्द्र ग्रहण कैसे होता है

चन्द्र ग्रहण कैसे होता है साधारणतः पूर्णिमा की रात को चंद्रमा पूर्णतः गोलाकार दिखाई पड़ना चाहिए, किन्तु कभी-कभी अपवादस्वरूप चंद्रमा के पूर्ण बिम्ब पर धनुष या हँसिया के आकार की काली परछाई दिखाई देने लगती है. कभी-कभी यह छाया चाँद को पूर्ण रूप से ढँक लेती है. पहली स्थिति को चन्द्र अंश ग्रहण या खंड-ग्रहण (partial lunar […]

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भौतिक भूगोल : महत्वपूर्ण शब्दावली और तथ्य

भौतिक भूगोल : महत्वपूर्ण शब्दावली और तथ्य भूगोल से सम्बंधित शब्दावली उपसौर और अपसौर पृथ्वी की परिक्रमा की दिशा पश्चिम से पूर्व है, जिस कक्षा में सूर्य पृथ्वी की परिक्रमा करती है, वह दीर्घवृत्तीय है. अतः 3 जनवरी को सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी न्यूनतम (9.15 करोड़ मील) हो जाती है, जिसे उपसोर […]

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ज्वार-भाटा क्या है और कैसे उत्पन्न होता है Types of Tides

ज्वार-भाटा क्या है और कैसे उत्पन्न होता है? Types of Tides ज्वार-भाटा (tide) वे तरंग हैं…In fact वे सागरीय तरंगे हैं, जो पृथ्वी, चाँद और सूर्य के आपस के आकर्षण से उत्पन्न होते हैं. जब समुद्री जल ऊपर आती है तो उसे “ज्वार” और जब नीचे आती है तो “भाटा” कहते हैं. चंद्रमा के आकर्षण शक्ति […]

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जेट स्ट्रीम क्या है? भारतीय मानसून इससे कैसे प्रभावित होता है

जेट स्ट्रीम क्या है? भारतीय मानसून इससे कैसे प्रभावित होता है जेट स्ट्रीम या जेटधाराएँ ऊपरी वायुमंडल में और विशेषकर समतापमंडल में तेज़ गति से प्रवाहित/बहने वाली हवाएँ हैं. इनके प्रवाह की दिशा जलधाराओं की तरह ही निश्चित होती है, इसलिए इसे जेट स्ट्रीम का नाम दिया गया है. जेट स्ट्रीम धरातल से ऊपर यानी […]

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तापमान को प्रभावित करने वाले कारक

तापमान को प्रभावित करने वाले कारक आज हम तापमान (temperature) को प्रभावित करने वाले कारकों (factors) की चर्चा करेंगे. किसी क्षेत्र का तापमान क्यों अधिक और क्यों कम होता है, इस बात को हम इस आर्टिकल के द्वारा समझने की कोशिश करेंगे. यदि किसी क्षेत्र का तापमान अधिक है तो इसका साफ़ मतलब होता है […]

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चक्रवात के विषय में विस्तृत जानकारी

चक्रवात के विषय में विस्तृत जानकारी परिभाषा: चक्रवात निम्न वायुदाब के केंद्र होते हैं, जिनके चारों तरफ केन्द्र की ओर जाने वाली समवायुदाब रेखाएँ विस्तृत होती हैं. केंद्र से बाहर की ओर वायुदाब बढ़ता जाता है. फलतः परिधि से केंद्र की ओर हवाएँ चलने लगती है. चक्रवात (Cyclone) में हवाओं की दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में […]

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वर्षा के Types, Reasons, Measurement और Distribution

वर्षा के Types, Reasons, Measurement और Distribution वर्षा (Rain) के लिए दो बातों का होना अत्यंत आवश्यक है – वायु में पर्याप्त जलवाष्प का होना और ऐसे साधन का होना जिससे वाष्पयुक्त वायु ठंडी होकर घनीभूत (condensate) हो सके. आज हम वर्षा के विषय विस्तृत जानकारी (information) आपको देने वाले हैं. आज हम इस लेख में पढेंगे […]

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