प्रथ्वी की सरचना

प्रथ्वी की सरचना The structure of the community

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प्रथ्वी की सरचना
    1. प्रमाणों के अनुसार प्रथ्वी का जन्म लगभग 4.5 अरब वर्ष पूर्व सौर नेबुला से हुआ था | सूर्य से प्रथक होने के तुरन्त पश्चात प्रथ्वी उबलते द्रव से बने गोले की तरह रही होगी और बहुत समय तक इसका अधिकतर भाग तरल ही रहा होगा |
    2. प्रथ्वी की सरंचना परतो के रूप में है व केंद्र से सतह की दुरी लगभग 3900 km होने का अनुमान है प्रथ्वी की उपरी परत ठोस है प्रथ्वी के ठंडे होने पर भूपर्पटी या उपरी परत ठण्डी होकर चट्टान खण्डो में बदल गई विवर्तनिक प्लेंटे कहते है |
    3. प्रथ्वी की दूसरी परत को मेटल कहते है | यह सबसे मोटी परत है, जिसका निर्माण पिघली परत से हुआ है | इसका केन्द्रीय भाग क्रोड़ सबसे अधिक गर्म (7000 डिग्री सेल्सियस) होता है तथा इसे दो बागो में बाटा जा सकता है |अन्दर वाला क्रोड़ ठोस माना जाता है तथा यह सुद्ध लोहे का बना होता है |