विकास (Evolution) :– कम विकसित जीवो से अधिक विकसित जीवों में परिवर्तित होने की प्रक्रिया, विकास कहलाती है। यह बहुत धीमी गति से होने वाली प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। ब्रह्माण्ड व पृथ्वी की उत्पत्ति ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति लगभग 20 हजार करोड (200 बिलियन) वर्ष पहले हुई […]
Biology
आनुवांशिक पदार्थ की खोज:- 1900 वीं शताब्दी तक वैज्ञानिकों में यह मतभेद रहा कि आनुवांशिक पदार्थ क्या है। उस समय वैज्ञानिक प्रोटीन को आनुवांशिक पदार्थ मानते थे। पर 20वीं शताब्दी मे फ्रेडरिक मिशर नामक वैज्ञानिक ने “न्युक्लीन” की खोज की। जिससे पुनः विवाद शुरु हुआ कि आनुवांशिक पदार्थ प्रोटीन है […]
वंशागति (Heredity):- लक्षणों का जनकों (माता-पिता) से संतति में स्थानांतरण, वंशा गति कहलाता है। विविधता (Variation):- जनक एवं संतति मे पाये जाने वाली असमानताओ को, विविधताए कहते हैं। आनुवंशिकी (Genetics) जीव विज्ञान की वह शाखा जिसके अन्तर्गत वंशागति और विविधता का अध्ययन किया जाता है, उसे आनुवंशिकी कहते हैं। आनुवंशिकी […]
Reproductive Health WHO के अनुसार जनन स्वास्थ्य का अर्थ है “जनन के सभी पहलुओं जैसे शारीरिक, भावात्मक, व्यवहारात्मक तथा सामाजिक आदि की सकुशलता स्थिति को ही जनन स्वास्थ्य कहते है “। 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस तथा 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। जनन स्वास्थ्य सम्बन्धी […]
मानव जनन (Human Reproduction):- मनुष्य एकलिंगी प्राणी है जिसमे नर जनन तंत्र अलग जीव मे तथा मादा जनन तंत्र अलग जीव में पाया जाता नर जनन तंत्र नर यानि Male में पाया जाता है, न जनन तंत्र मे नर युग्मक यानि शुक्राणु का निर्माण होता है। मादा जनन तंत्र मादा […]
sexual reproduction in flowering plants पुष्प की संरचना (Structure of Flower) : पुष्प की संरचना-आवृतबीजी पौधो का विशिष्ट लक्षण उसमें पुष्पो का उत्पन्न होना है। एक पुष्प में चार चक्र पाये जाते हैं:- बाह्यदलपुंज (Calyx) दलपुंज (Corolla) पुमंग (fAndrocieum) जायांग (Gynoceium) बाह्यदलपुंज तथा दलपुंज सहायक चक्र कहलाते है, जबकि पुमंग […]