जंतुओं में नियंत्रण और समन्वय परिचय: संसार के सभी जीव अपने आस-पास होने वाले परिवर्तनों के प्रति-अनुक्रिया करते है | पर्यावरण में प्रत्येक परिवर्तन की अनुक्रिया से एक समुचित गति उत्पन्न होती है | कोई भी गति उस घटना पर निर्भर करती है जो उसे प्रेरित करती है | जैसे- […]
Science
जैव प्रक्रम : शरीर की वे सभी क्रियाएँ जो शरीर को टूट-फुट से बचाती हैं और सम्मिलित रूप से अनुरक्षण का कार्य करती हैं जैव प्रक्रम कहलाती हैं | जैव प्रक्रम में सम्मिलित प्रक्रियाएँ निम्नलिखित हैं : 1. पोषण (Nutrition) 2. श्वसन (Respiration) 3. वहन (Transportation) 4. उत्सर्जन (Excretion) सभी जीवों […]
तत्वों के आवर्त वर्गीकरण परिचय अबतक कुल 118 तत्वों की जानकारी है | तत्वों के वर्गीकरण का अर्थ है उनकों उनके गुणधर्मों के आधार पर अलग-अलग समूहों में व्यवस्थित ढंग से रखना | सबसे पहले तत्वों को धातु एवं अधातु में वर्गीकृत किया गया | डाॅबेराइनर के त्रिक : डाॅबेराइनर ने […]
कार्बन की उपस्थिति कार्बन का परिचय: कार्बन एक अधातु है, इसका रासायनिक प्रतिक चिन्ह C है तथा परमाणु क्रमांक 6 है | प्राकृतिक रूप से इसके समस्थानिकों की संख्या तीन है जो 12C, 13C तथा 14C हैं | इसका इलेक्ट्रोनिक विन्यास 2, 4 है तथा संयोजकता 4 है इसलिए यह चतुर्संयोजक है | […]
धातु और अधातु Metal and non-metal धातु (Metals) : धातुओं के भौतिक गुण (Physical Properties of metals): (i) धातु ठोस और चमकीले होते हैं |(ii) ये ऊष्मा और विद्युत के सुचालक होते हैं |(iii) धातुएँ तन्य होती हैं |(iv) धातुएँ अघातवर्ध्य होती है |(v) धातुएँ ध्वानिक होती हैं |अघातवर्ध्यता (Meliability): कुछ धातुएँ पतली चादरों […]
अम्ल, क्षार एवं लवण संसूचक: वे पदार्थ जो अपने रंग में परिवर्तन कर दुसरे पदार्थों के साथ अम्लीय या क्षारकीय व्यवहार करते हैं उन्हें संसूचक कहा जाता है | संसूचक के प्रकार : वैसे तो संसूचक बहुत प्रकार के होते है | परन्तु इनके समान्य प्रकार इस प्रकार है : (i) […]