ऊष्मागतिकी ऊष्मागतिकी तन्त्र या निकाय (System):– ब्रहमाण्ड का वः भाग जो ऊष्मागतिकी अध्ययन के लिये चुना जाता है , तन्त्र कहलाता है | ( उष्मा + गतिकी = उष्मा की गति संबंधी या ऊष्मा और गति ) पारिपार्श्विक या परिवेश (Surroundings):- चुने गए निकाय के अलावा ब्रह्माण्ड का शेष भाग पारिपार्श्विक कहलाता है […]
मानव शरीर- पाचन तंत्र आहारनाल में भोजन के जटिल एवं अघुलनशील अवयव (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन एवं वसा) एन्जाइम्स के द्वारा घुलनशील एवं सरल अवयवों (ग्लूकोज़, अमीनों, अम्ल, वसीय अम्ल) में परिवर्तित हो जाते हैं। इस प्रक्रिया को भोजन का पाचन कहते हैं। इसमें यान्त्रिक एवं रासायनिक दोनों ही प्रकार की क्रियाएँ होती हैं। […]
मानव शरीर उत्सर्जन तंत्र शरीर द्वारा अपशिष्ट तथा अवांछित पदार्थों का त्याग उत्सर्जन (Excretion) कहलाता है। भोजन से हमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा आदि पदार्थ प्राप्त होते हैं। ये पदार्थ पचने के बाद पाचन नलिका से रक्त कोशिकाओं द्वारा शरीर की विभिन्न ऊतक कोशिकाओं में पहुंचते हैं। कोशिकाओं के अंदर ऊर्जा […]
मानव शरीर- कान की संरचना कानों से हम आवाज या ध्वनि तो सुनते ही हैं, लेकिन ये हमारे शरीर का संतुलन बनाए रखने में भी हमारी मदद करते हैं। बनावट के आधार पर कान को तीन भागों में बांटा जा सकता है- बाह्य कान (Outer ear), मध्य कान (Middle ear) […]
मानव शरीर- जनन तंत्र एवं भ्रूण विज्ञान जनन वर्तमान जीवों (जनकों) से उसी जाति की नई व्यष्टियों के उत्पन्न होने की प्रक्रिया है। जनन के प्रकार सजीव में जनन, मुख्यत: दो विधियों से होता है: अलैंगिक जनन (Asexual reproduction) लैंगिक जनन (Sexual reproduction) अलैंगिक जनन में संतति एक ही जनक […]