पाचन और श्वसन {Digestion and Respiration} पाचनतंत्र :- पाचन तंत्र असल में एक लम्बी लचीली नली होती है जो कि मुँह से मलद्वारा तक जाती है। इसमें गला, ग्रासनली, आमाशय, छोटी और बड़ी आँतें और गुदा शामिल होते हैं। लार ग्रंथियॉं, अग्न्याशय, लीवर और पित्ताशय पाचन द्रव स्रावित करती हैं। […]
Biology
मेरुरज्जु मेरुरज्जु Spinal cord :- मेरुरज्जु अधिकांश जीव जंतुओं के शरीर का आवश्यक अंग हैं। इस लेख में मानव शरीर से संबंधित उल्लेख है। मस्तिष्क का पिछला भाग लम्बा होकर खोपड़ी के पश्च छोर पर उपस्थित महारन्ध से निकलकर रीढ़ की हड्डी तक फैला रहता है। इसे मेरुरज्जु या सुषुम्ना […]
मस्तिष्क संरचना व कार्य परिचय:- मानव मस्तिष्क अनके जटिल संरचनाओं से युक्त महत्वपूर्ण अंग है| जन्म के समय ही अन्य अंगों की तूलना में अधिक परिपक्व हो चुका होता है| मस्तिष्क के विकास संबंधी जानकारियों में दो बिंदूओं को प्रमुखता दी गयी है| प्रथम, अतिसूक्ष्म मस्तिष्क कोशिकाएं, द्वितीय, प्रमस्तिष्क कार्टेक्स […]
मानव दाँत हिंदी में दांत :- मुंह (या जबड़ों) में स्थित छोटे, सफेद रंग की संरचनाएं हैं जो बहुत से कशेरुक प्राणियों में पाया जाती है। दांत, भोजन को चीरने, चबाने आदि के काम आते हैं। कुछ पशु (विशेषत: मांसभक्षी) शिकार करने एवं रक्षा करने के लिये भी दांतों का […]
अंडा अंडा उस गोलाभ वस्तु को कहते हैं जिसमें से पक्षी, जलचर और सरीसृप आदि अनेक जीवों के बच्चे फूटकर निकलते हैं। पक्षियों के अंडों में, मादा के शरीर से निकलने के तुरंत बाद, भीतर केंद्र पर एक पीला और बहुत गाढ़ा पदार्थ होता है जो गोलाकार होता है। इसे […]
ऊष्मागतिकी ऊष्मागतिकी तन्त्र या निकाय (System):– ब्रहमाण्ड का वः भाग जो ऊष्मागतिकी अध्ययन के लिये चुना जाता है , तन्त्र कहलाता है | ( उष्मा + गतिकी = उष्मा की गति संबंधी या ऊष्मा और गति ) पारिपार्श्विक या परिवेश (Surroundings):- चुने गए निकाय के अलावा ब्रह्माण्ड का शेष भाग पारिपार्श्विक कहलाता है […]